Monthly Archive: July 2019

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प्रकार की शिक्षा का प्रारंभ प्रत्येक व्यक्ति के लिए उस समय होता है जब वह विद्यालय जाना प्रारंभ करता है तथा विद्यालय समाप्ति पर शिक्षा समाप्त हो जाती है । संकुचित अर्थ में शिक्षा...

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की सीमाओं की कोई बाधा माने बिना, मौखिक या लिखित अथवा मुद्रित रूप में कला के रूप में या बच्चे की पसंद के अन्य माध्यमों से सभी प्रकार की जानकारी और102 विचार प्राप्त करने...

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साररूप में हम यह कह सकते है कि सामाजिक आर्थिक तथा सांस्कृतिक परिवर्तन करने के लिए शिक्षा एक शक्तिशाली साधन है | बर्नार्ड शा ने कहा है कि शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार के व्यक्तियों...

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इसका अभिप्राय है कि उन व्यक्तियों के बालकों को उपलब्ध आश्वासित सार्वभौमिक शिक्षा 6- 10 वर्ष आयु के बालकों को उपलब्ध हो सकेगी व तभी ये समाज के अन्य वर्गों के समान स्तर पर...

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क्योंकि इनसे लोगों को अपने जीवन में ऊध्र्वगामी सामाजिक गत्यात्मकता पाने के लिए आजकल लड़कियों को भी चाहे वे कितनी सुन्दर व गुणवान क्यों न हो, उच्च शिक्षा पाने का भरसक प्रयास करना पड़ता...

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वातावरण से दूर किसी शान्त और रमणीक स्थान में स्थित थी । आधुनिक युग में नगरीकरण के प्रभाव के कारण सभी व्यक्तियों में नगरों में निवास करने की प्रवृति सबल हो गई है ।...

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फलस्वरूप सामाजिक चेतना का विकास हुआ है लोगों ने इसे समझा है तथा अनुभव भी किया है कि प्रत्येक व्यक्ति के शिक्षित होने पर ही समाज का कल्याण हो सकताहै । इसी तथ्य के...

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‘शिक्षा का समाजशास्त्र शिक्षा और समाज के बीच के संबंध से सरोकार रखता है । ” विस्तृत रूप से कहें तो शिक्षा समाजशास्त्र की रुचि संपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में शिक्षा व्यवस्था के...

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वस्तुतः यह एक ऐसा उभरता, बदलता, विकसित होता हुआ सामाजिक सांस्कृतिक, राजनैतिक व आर्थिक परिवेश है जो वास्तविक है, समकालीन है और जो वर्तमान तथा भविष्य दोनों में घनिष्ट रूप से सम्बद्ध है ।।1.3...

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जब व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं तथा वातावरण के साथ त्रुटिपूर्ण या विरोधाभासी सामंजस्य करे तो उसे कुसमायोजन प्रतिक्रियाएँ कहते हैं । ये असामान्य व्यवहारों को जन्म देती है ।। स्वमूल्यांकन प्रश्न 1 समायोजन क्या है...