indiaresultz Blog

eger 0

eger

की सीमाओं की कोई बाधा माने बिना, मौखिक या लिखित अथवा मुद्रित रूप में कला के रूप में या बच्चे की पसंद के अन्य माध्यमों से सभी प्रकार की जानकारी और102 विचार प्राप्त करने...

ethrt 0

ethrt

साररूप में हम यह कह सकते है कि सामाजिक आर्थिक तथा सांस्कृतिक परिवर्तन करने के लिए शिक्षा एक शक्तिशाली साधन है | बर्नार्ड शा ने कहा है कि शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार के व्यक्तियों...

ergtert 0

ergtert

इसका अभिप्राय है कि उन व्यक्तियों के बालकों को उपलब्ध आश्वासित सार्वभौमिक शिक्षा 6- 10 वर्ष आयु के बालकों को उपलब्ध हो सकेगी व तभी ये समाज के अन्य वर्गों के समान स्तर पर...

rthedty 0

rthedty

क्योंकि इनसे लोगों को अपने जीवन में ऊध्र्वगामी सामाजिक गत्यात्मकता पाने के लिए आजकल लड़कियों को भी चाहे वे कितनी सुन्दर व गुणवान क्यों न हो, उच्च शिक्षा पाने का भरसक प्रयास करना पड़ता...

ergert 0

ergert

वातावरण से दूर किसी शान्त और रमणीक स्थान में स्थित थी । आधुनिक युग में नगरीकरण के प्रभाव के कारण सभी व्यक्तियों में नगरों में निवास करने की प्रवृति सबल हो गई है ।...

efefdwe 0

efefdwe

फलस्वरूप सामाजिक चेतना का विकास हुआ है लोगों ने इसे समझा है तथा अनुभव भी किया है कि प्रत्येक व्यक्ति के शिक्षित होने पर ही समाज का कल्याण हो सकताहै । इसी तथ्य के...

erwet 0

erwet

‘शिक्षा का समाजशास्त्र शिक्षा और समाज के बीच के संबंध से सरोकार रखता है । ” विस्तृत रूप से कहें तो शिक्षा समाजशास्त्र की रुचि संपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में शिक्षा व्यवस्था के...

edgfeg 0

edgfeg

वस्तुतः यह एक ऐसा उभरता, बदलता, विकसित होता हुआ सामाजिक सांस्कृतिक, राजनैतिक व आर्थिक परिवेश है जो वास्तविक है, समकालीन है और जो वर्तमान तथा भविष्य दोनों में घनिष्ट रूप से सम्बद्ध है ।।1.3...

sddfsdf 0

sddfsdf

जब व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं तथा वातावरण के साथ त्रुटिपूर्ण या विरोधाभासी सामंजस्य करे तो उसे कुसमायोजन प्रतिक्रियाएँ कहते हैं । ये असामान्य व्यवहारों को जन्म देती है ।। स्वमूल्यांकन प्रश्न 1 समायोजन क्या है...

edgsdf 0

edgsdf

1. बालक आंखें बार-बार रगड़ता हो, पलकों के बाल नोचता हो, भौंहें मलता हो । 2. आंखें लाल या गंदी रहती हो । 3. आंखें कीचड या पानी देती हो । 4. छोटी वस्तुएँ...