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वस्तुतः यह एक ऐसा उभरता, बदलता, विकसित होता हुआ सामाजिक सांस्कृतिक, राजनैतिक व आर्थिक परिवेश है जो वास्तविक है, समकालीन है और जो वर्तमान तथा भविष्य दोनों में घनिष्ट रूप से सम्बद्ध है ।।
1.3 उभरते हुये भारतीय समाज के प्रमुख कारक
उभरते हुआ विकासोन्मुख भारतीय समाज एक नहीं अपितु अनेक कारकों के फलस्वरूप बना है जिनमें से प्रमुख हैं –
1 1947 में भारत की स्वतंत्रता । 2 1950 में भारत का नया संविधान जिसमें मौलिक अधिकारों अल्पसंख्यकों के
विशेषाधिकार व राज्य नीति के निदेशक तत्व दिए गए । 3 पंचवर्षीय योजनाएं जिनके द्वारा देश का आर्थिक व सामाजिक पुनर्निमाण किया गया । 4 औदयोगीकरण का विकास ।

5 प्रत्येक पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर अधिक निवेश करके शिक्षा की नींव सुदृढ़ करने
का प्रयास किया जा रहा है । 6 2010 में शिक्षा सबके द्वार करने का उद्देश्य भी प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित करने का
प्रयास है ।। 7 2010 में नोलेज आयोग का गठन भी शिक्षा की प्रगति के लिये ही किया गया । 8 कम्प्यूटर की शिक्षा प्राथमिक स्तर से चालू करके भी शिक्षा के स्तर का विकास करना
ही है । 9 विज्ञान तथा तकनीकी के विकास व प्रसार द्वारा सामान्य जीवन की अवस्थाएँ में
सुधार । 10 आवागमन, इलैक्ट्रानिक तथा कम्प्यूटर्स के क्षेत्र में हुए आविष्कारों से हमारे जीवन की
गति का द्रुतमान हो जाना । 11 नगरीकरण का विकास । 12 पश्चिमीकरण तथा विदेशों के साथ व्यापारिक, सांस्कृतिक व शैक्षिक आदान-प्रदान के
प्रभाव । 13 धर्मनिरपेक्षता की भावना का प्रसार-भारत राज्य द्वारा धर्म निरपेक्षता को स्वीकार
करना । 14 जीवन के हर क्षेत्र में आधुनिकरण का बढ़ता हुआ प्रभाव । 15 स्त्री शिक्षा का प्रसार, स्त्रियों से स्वतंत्रता व समानता की भावनाएं विकसित होना तथा
अनेक व्यवसाय व क्षेत्रों में स्त्रियों को आगे आना ।। 16 जागीरदारी उन्मूलन तथा भूमि सुधार । 17 हरित क्रांति और उससे संबंधित भारतीय ग्रामीण, सामाजिक, आर्थिक पुननिर्माण ।। 18 जनता का राजनैतिक समाजीकरण-चुनाव प्रक्रियाओं का सशक्त बनना तथा लोगों में
वोट का महत्व बढ़ाना।। 19 प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति, उन्नति, विकास, आधुनिकरण का परिलक्षित होना । 20 राष्ट्रीय एकीकरण के प्रयास लगातार चल रहे हैं । 21 सामाजिक कुरीतियों यथा दहेज व सती प्रथा आदि को रोकने का प्रयास या एक स्वस्थ
सुधरें हुए समाज के निर्माण का प्रयास भी निरन्तर चालू है ।
जब किसी अवस्था का विश्लेषण किया जाता है तो उसके अच्छे-बुरे पक्षों को निष्पक्ष भाव से देखना होता है | अतः इन सामाजिक प्रेक्षकों ने भी अपने विश्लेषणों में उभरते हुए भारतीय समाज के धनात्मक और ऋणात्मक दोनों पक्षों पर प्रकाश डाला है जैसा कि आगे देखेंगे। 1.4 उभरते हुये विकासोन्मुख भारतीय समाज की प्रमुख उपलब्धियाँ
स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् भारतीय समाज की अनेकानेक उपलब्धियां रही हैं । 26 जनवरी 1950 को नया संविधान लागू किया गया जिसमें भारत में संसदीय कार्यप्रणाली की स्थापना की । भारत को समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र बनाने का संकल्प किया गया ।
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समाजवादी धर्मनिरपेक्ष ‘एकता’ और राष्ट्र की एकता शब्द संविधान में 42 वें संशोधन के फलस्वरूप 1977 में शामिल किए गए । संविधान ने सभी वयस्कों को वोट डालने का अधिकार दिया । संविधान में समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरूद्ध धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार, संपति तथा संवैधानिक उपचारों के अधिकार सभी नागरिकों को प्रदान किए गए । संविधान के 16 वें और 24 दें संशोधनों से सम्पति तथा स्वतंत्रता के अधिकारियों पर सरकार को उचित बंधन लगाने का अधिकार दे दिया गया है । संविधान की 36 से 51 धाराओं में राज्य नीति के निर्देशक तत्व रखे गये हैं जिनसे राज्य को जनहित में कार्य करने का मार्गदर्शन मिलता है । विविध पार्टी व्यवस्था को भारत ने स्वीकार किया है, लेकिन केन्द्र में कांग्रेस पार्टी निरन्तर बना रहा है, केवल कुछ काल के लिए जनता पार्टी प्रभावी हुई थी ।
| पंचवर्षीय योजनाओं के अन्तर्गत देश ने सभी क्षेत्रों में आशातीत उन्नति योजनाबद्ध ढंगों से की । जहां प्रथम पंचवर्षीय योजना में 2378 करोड़ रूपये व्यय किये गये थे, वहीं ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में 3644718 करोड़ रूपये का निवेश लगाने की व्यवस्था की गई । विकास दर 9 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया ।
उभरते हुए भारतीय समाज की उपलब्धियों की कहानी निम्नांकित ठोस औकडों द्वारा कहीं जा रही – 1 2010-11 में प्रति व्यक्ति आय 46492 में हो जायेगी । जबकि 1985-86 में
2596.60 थी । 2 2011 में साक्षरता का प्रतिशत 74.4 प्रतिशत हो गया । इसमें पुरुष साक्षरता 82.14
प्रतिशत तथा महिला साक्षरता 65.46 प्रतिशत है । 3 2011-12 में प्राथमिक शिक्षा में dropout rate 20 प्रतिशत रह गई और सात साल
के बालकों की साक्षरता दर बदकर 85 प्रतिशत हो गई ।। 4 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2012 तक 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो जायेगी । 5 कृषि व शिक्षा पर ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में 1421711 करोड़ रूपये के निवेश का
प्रावधान रखा गया था । 6 2009 तक प्रत्येक गांव व बी.पी.एल. (कम आय वाले) घरों तक बिजली की सुविधा
प्रदान कर दी गई है । 7 2009 तक सभी महत्वपूर्ण निवास स्थानों को (बसावट के स्थान) (1000 जनसंख्या
वाले गांवों का) (Significant habitation) आपस में सड़क से जोड़ दिये गये हैं । 8 2007 तक सभी गांवों को (टेलीफोन) दूरसंचार साधनों से जोड़ दिया गया हैं तथा
2012 इंटरनेट (Broadband connectivity) से जोड़ दिया जायेगा । 9 2012 तक सभी गरीबों को घर बनाने हेतु जमीन दे दी जायेगी व 2017 तक गांवों
में पिछड़े वर्ग के गरीब लोगों को बने हुये मकान देने की व्यवस्था कर दी गई है ।। 10 ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के अन्त तक जंगलों में 5 प्रतिशत पेड़ों की संख्या में वृद्धि
कर दी जायेगी ।

11 2012 तक सभी जगह WHO के मापदण्डों के अनुसार वातावरण को शुद्ध करने का
प्रयास किया जायेगा । 12 पानी के स्तर की कमी को देखते हुये शहरों के गंदे पानी को 2012 तक साफ करने
का प्रयास किया जायेगा । बहती नदियों को जल स्तर बढ़ाने व उस पानी को भी शुद्ध करने का प्रयास किया जायेगा । बहती नदियों को जल स्तर बढ़ाने व उस पानी को भी
शुद्ध करने का प्रयास किया जायेगा । 13 2016- 17 तक ऊर्जा क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर दी जायेगी । 14 3 वर्ष तक की आयु के बालकों के कुपोषण को आधा कर दिया जायेगा । महिलाओं व
लड़कियों में कमजोरी इस पंचवर्षीय योजना के अन्त तक 50 प्रतिशत कम कर दिया
जायेगा । 15 जन्म दर कम होकर 2.1 रह जायेगी । 2011-12 में लिंग अनुपात अभी 0-6 तक

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